विश्व डाक दिवस और राष्ट्रीय डाक सप्ताह 2023 समारोह
by Priya Jadhav
09 अक्टूबर 2023 से 13 अक्टूबर 2023: मुख्य पोस्टमास्टर जनरल का कार्यालय, महाराष्ट्र सर्कल, मुंबई - 400 001
विश्व डाक दिवस यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के मुख्यालय की बर्न में स्थापना की वर्षगांठ पर मनाया जाता है और प्रतिवर्ष 09 अक्टूबर को आयोजित किया जाता है। डाक विभाग 09 अक्टूबर, 2023 से 13 अक्टूबर, 2023 तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह 2023 मना रहा है ।
इंडिया पोस्ट देश की संचार और लॉजिस्टिक्स प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें समय के साथ महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। 1854 में ब्रिटिश शासन के दौरान इसकी स्थापना से लेकर अब तक भारतीय डाक ने देश की जरूरतों के अनुरूप खुद को एक बहुआयामी डाक, वित्तीय और खुदरा सेवा प्रदाता की वर्तमान भूमिका में ढाल लिया है।
20वीं सदी के अंत में इलेक्ट्रॉनिक संचार के आगमन के साथ महत्वपूर्ण बदलाव आए और प्रासंगिक बने रहने के लिए इंडिया पोस्ट ने स्पीड पोस्ट और एक्सप्रेस पार्सल पोस्ट जैसी सेवाओं की शुरुआत करके तकनीकी परिवर्तनों को अपनाया। इन नवाचारों का उद्देश्य तेजी से आधुनिक होते समाज की बदलती मांगों को पूरा करते हुए तेज और अधिक कुशल डाक सेवा प्रदान करना है।
2018 में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की शुरूआत एक और महत्वपूर्ण कदम था। इसका उद्देश्य बैंकिंग सुविधाओं से वंचित और बैंकिंग की पूरी सुविधा न होनेवाली आबादी को बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना था। डाकघरों और मोबाइल फोन के माध्यम से सुलभ आईपीपीबी की सेवाओं ने वित्तीय समावेशन का बीडा उठाया । इसके साथ-साथ इंडिया पोस्ट ने माल की डिलीवरी की सुविधा के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ गठबंधन करके अपनी खुदरा सेवाओं का विस्तार किया। भारत में ऑनलाइन शॉपिंग के उदय ने इंडिया पोस्ट को लॉजिस्टिक्स श्रृंखला में अपनी भूमिका को फिर से परिभाषित करने और ई-कॉमर्स पारिस्थितिकी तंत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने का अवसर प्रदान किया।
वर्तमान डिजिटल क्रांति ने इंडिया पोस्ट को और भी नवाचार करने के लिए प्रेरित किया है। ग्राहक के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे पार्सल ट्रैक करने, डाक सेवाओं तक पहुंचने और आसानी से अपने वित्त का प्रबंधन करने की सुविधा मिलती है। इसके अलावा, हाल के वर्षों में इंडिया पोस्ट का केंद्र बिंदु लगातार वृद्धि करना बन गया है। इस संगठन ने पर्यावरण-अनुकूल पहलों को लागू किया है, जिसमें मेल डिलीवरी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग और कागज रहित संचार को बढ़ावा देना शामिल है। ये प्रयास पर्यावरण के प्रति जागरूक वैश्विक रुझानों के अनुरूप हैं।
संक्षेप में कहें तो तकनीकी प्रगति, आर्थिक बदलाव और सामाजिक परिवर्तनों को अपनाते हुए भारतीय डाक में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। एक डाक सेवा प्रदाता के रूप में अपनी शुरूआत से लेकर इसने अब वित्तीय सेवाओं, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स और डिजिटल समाधान जैसी विविधताएं हासिल की है। जैसे-जैसे भारत विकसित हो रहा है, वैसे-वैसे भारतीय डाक की सेवाएं भी विकसित होंगी, जो नवाचार, समावेशिता और दक्षता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
तथ्य और आंकड़े
महाराष्ट्र सर्कल में दो राज्य यानी महाराष्ट्र और गोवा शामिल हैं। इसमें 6 क्षेत्र, 43 डाक मंडल और 7 आरएमएस डिवीजन हैं। महाराष्ट्र और गोवा के डाकघरों के व्यापक नेटवर्क अर्थात् 61 प्रधान डाकघर, 2157 उप डाकघर और ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तारित 11,812 शाखा डाकघरों में कुल 19,930 विभागीय कर्मचारियों और 19,269 ग्रामीण डाक सेवकों के साथ डाक विभाग बैंकिंग और वितरण सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है।
पिछले पांच वर्षों में महाराष्ट्र सर्कल ने 5465 डाक सहायक, 5863 पोस्टमैन/मेल गार्ड और 3635 मल्टी-टास्किंग स्टाफ की भर्ती की है। इसके अलावा, 9344 ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) को ग्रामीण क्षेत्रों में शाखा डाकघरों में सेवा करने का अवसर दिया गया है। चालू वर्ष के दौरान जीडीएस की भर्ती के लिए 6282 पद अधिसूचित किए गए हैं जिनको भरने की प्रक्रिया प्रगति पर है।
ई-कॉमर्स बाजार पर कब्जा जमाने के लिए पार्सल निदेशालय की स्थापना की गई है। महाराष्ट्र सर्कल में पार्सल प्रसंस्करण के लिए 27 नोडल डिलीवरी केंद्र कार्य कर रहे हैं ताकि पार्सल की सीधी और मशीनीकृत डिलीवरी हो सके । भारतीय डाक की अंतिम छोर तक पहुंच की ताकत और रेलवे की सक्षम संरचना का लाभ उठाने के लिए भारतीय रेलवे के साथ संयुक्त पार्सल उत्पाद रेल गति शक्ति के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सभी प्रकार के पार्सल की औसत दैनिक प्राप्ति लगभग 44,500 है । सभी श्रेणियों के मेल की औसत दैनिक प्राप्ति 18.95 लाख है।
इंडिया पोस्ट ने डाक निर्यात केंद्र के माध्यम से वैश्विक बाजार में कदम रखा है । महाराष्ट्र सर्किल में 56 डाक निर्यात केंद्र क्रियाशील हैं, जिनमें छोटे और मध्यम निर्यातकों ने अपना पंजीकरण कराया है। ये निर्यातक पार्सल के वाणिज्यिक निर्यात की निर्बाध बुकिंग के लिए निर्यात का ऑनलाइन पोस्टल बिल दाखिल कर सकते हैं।
भारतीय डाक दुनिया का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क है, जो भारत में संचार और वित्तीय सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा के रूप में कार्य करता है। डाकघर वन स्टॉप शॉप है। महाराष्ट्र सर्कल में 41 कार्यालय पासपोर्ट सेवा केंद्रों के रूप में कार्यरत हैं, 1288 कार्यालय आधार सेवाएं प्रदान करते हैं, 52 कार्यालय रेलवे टिकटों की बुकिंग की सुविधा प्रदान करते हैं, 15,169 डाकघर सामान्य सेवा केंद्रों की सेवाएं प्रदान करते हैं। सभी डाकघर बीमा और वित्तीय सेवाएँ प्रदान करते हैं । महाराष्ट्र सर्किल में 75 एटीएम लगाए गए हैं ।
डाकघरों की सेवाएँ जैसे डाक जीवन बीमा, कोर बैंकिंग सेवा, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सेवाएँ और अन्य डाक सेवाएँ जैसे डाकवस्तुओं की बुकिंग और डिलीवरी आरआईसीटी उपकरणों का उपयोग करके 11812 ग्रामीण शाखा डाकघरों के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली जनता को प्रदान की जाती हैं, जिनमें वामपंथी उग्रवाद से ग्रसित 829 क्षेत्र भी शामिल हैं।
डाक विभाग ने दूरदराज के क्षेत्रों में ग्राहकों को तेजी से और सुरक्षित डाक सेवाएं प्रदान करने के लिए दर्पण 2.0 एंड्रॉइड मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस मेगा लॉन्च प्रोजेक्ट के तहत सभी शाखा पोस्टमास्टरों ( यानी अंतिम उपयोगकर्ताओं) को नए मोबाइल हैंडसेट की आपूर्ति की गई है और पुराने आरआईसीटी उपकरणों को दर्पण 2.0 एंड्रॉइड मोबाइल ऐप के तहत बदल दिया गया है। शाखा कार्यालयों को 11,812 मोबाइल उपकरणों की आपूर्ति की गई है।
बचत बैंक के संदर्भ में महाराष्ट्र सर्कल में 2.59 करोड़ सक्रिय खाते हैं । 1/4/2023 से 02.10.2023 तक महाराष्ट्र सर्कल में कुल रु. 2185 करोड़ के 3.55 लाख महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना के खाते खोले गए हैं।
महाराष्ट्र सर्कल ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 11 लाख इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक खाते खोले हैं । प्रारंभ से लेकर अब तक कुल 85.77 लाख आईपीपीबी खाते खोले जा चुके हैं। आईपीपीबी की ओर से अन्य पक्ष के उत्पादों जैसे जीआईसी की सेवाएं भी प्रदान की जाती है, जिसमें पिछले वर्ष महाराष्ट्र सर्किल 38.38 करोड़ के प्रीमियम और 9.5 लाख पॉलिसियों के साथ अखिल भारतीय सूची में शीर्ष पर था। इसके अलावा, आईपीपीबी पेंशनभोगियों के लिए जीवन-प्रमाणपत्र बनाने की सुविधा भी प्रदान करता है। पिछले वर्ष के दौरान 57,928 जीवन-प्रमाणपत्र बनाए गए थे। बूढ़े और बीमार लोगों तक डाकिया कैसे पहुंच सकता है इसका एक उदाहरण अनुबंध 'क' में संलग्न है ।
महाराष्ट्र पोस्टल सर्कल ने चालू वित्त वर्ष के दौरान पीएलआई के संबंध में 25,500 पॉलिसियों के साथ 23.97 करोड़ का नया प्रीमियम और आरपीएलआई के संबंध में 25,413 पॉलिसियों के साथ रुपये 15.39 करोड़ का नया प्रीमियम संग्रह किया है।
पिछले दो वर्षों के दौरान महाराष्ट्र सर्कल ने रु. 1500 करोड़ से अधिक का राजस्व हासिल किया है। अगस्त 2023 तक की वर्तमान राजस्व उपलब्धि 724 करोड़ रुपये है ।
डाकघरों में क्यूआर कोड-आधारित भुगतान की सुविधा डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने में एक मील का पत्थर साबित हुई है, क्योंकि डाकघर आम आदमी की एक संस्था है जिसका सामाजिक महत्व इसके राजस्व आंकड़ों से कहीं अधिक है। डिजिटल भुगतान सुविधा का प्रावधान एक भविष्योन्मुखि पहल है जो "डिजिटल इंडिया" अभियान की क्रांति में डाकघर की उपस्थिति को दर्शाती है और भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज बनने में योगदान देती है। 2022-2023 के दौरान कुल 332069 लेनदेन किए गए जो रु. 4.37 करोड़ की राशि के थे। चालू वर्ष में रु. 1.62 करोड़ के कुल 91874 लेनदेन किये गये हैं।
'अनुलग्नक क'
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी)
दी गई तस्वीर श्री रमेश सबनीस, सेवानिवृत्त आरटीओ अधिकारी और पेंशनभोगी की है, जो शिंदे नर्सिंग होम, हडपसर, पुणे में अस्पताल में भर्ती थे।
वह तब बिस्तर पर थे और उनके परिवार के सदस्य इस बात को लेकर चिंतित थे कि उनकी पेंशन के लिए ‘डीएलसी’ कैसे बनाया जाए। एक दिन उनकी बेटी श्रीमती शमा देशपांडे ने हडपसर आईई डाकघर का दौरा किया और हडपसर आईई के पोस्टमैन श्री पांडुरंग आनंदे से मुलाकात की और उन्हें पूरी स्थिति बताई। श्री पांडुरंग आनंदे तुरंत उनके साथ शिंदे नर्सिंग होम गए और न केवल श्री रमेश सबनीस का डीएलसी बनया, बल्कि आईपीपीबी खाता भी खोला। हमारे पोस्ट मैन की आईसीयू वार्ड में इस त्वरित और घर पहुंच सेवा के कारण हर किसी ने उनकी सराहना की और डाक विभाग को धन्यवाद दिया। इसके बाद श्री पांडुरंग आनंद ने कई पेंशनभोगियों को सेवा दी है और वह जनता के सभी वर्गों को आईपीपीबी सेवाएं प्रदान करने में पुणे क्षेत्र में शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में से एक हैं।
राष्ट्रीय डाक सप्ताह की दिन -वार गतिविधियाँ
9 अक्टूबर 2023 - ' विश्व डाक दिवस' - इस वर्ष के विश्व डाक दिवस की थीम 'टुगेदर फॉर ट्रस्ट' अर्थात् ‘भरोसे के लिए साथ’ है। इसका उद्देश्य लोगों और व्यापार के रोजमर्रा के जीवन में डाक की भूमिका के साथ-साथ वैश्विक सामाजिक और आर्थिक विकास में इसके योगदान के बारे में जागरूकता पैदा करना है। विश्व डाक दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र और गोवा के पक्षियों की विविधता पर एक विशेष कैंसलेशन के साथ एक प्रेजेंटेशन पैक और पोस्टकार्ड का पैक 9 अक्टूबर, 2023 को जारी किया जाएगा ।
10 अक्टूबर 2023 - ' वित्तिया सशक्तिकरण दिवस - केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारी निकायों के सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी के साथ महाराष्ट्र में 113 स्थानों पर डाक सामुदायिक विकास कार्यक्रम (डाक चौपाल ) का आयोजन किया गया है। डाक सामुदायिक विकास कार्यक्रम (डीसीडीपी) का उद्देश्य केंद्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकारियों की सभी कल्याणकारी योजनाओं को विशेष रूप से लाभार्थियों के लिए एक मंच पर लाना है। इसमें सभी प्रचलित योजनाओं और लाभों को उठाने के साधनों के बारे में जनता के बीच जागरूकता बढ़ाना भी शामिल है। ग्राहकों, एजेंटों, जीडीएस और विभागीय कर्मचारियों के लिए डाकघर बचत बैंक प्रश्नोत्तरी आयोजित की जाती है।
11 अक्टूबर 2023 - 'फिलैटली दिवस': फिलैटली में संवर्धी वास्तविकता दिखाने वाला एक पोस्टकार्ड के साथ एक कैंसलेशन जारी किया जाएगा । विशेष रद्दीकरण के साथ महाराष्ट्र की बावड़ियों पर पोस्टकार्ड का एक पैकेट भी जारी किया जाएगा। समारोह का समापन पोस्ट क्रॉसिंग मीट अप के साथ किया जाएगा।
12 अक्टूबर 2023 - 'मेल और पार्सल दिवस' - डिलीवरी दक्षता में सुधार के लिए सभी मंडल प्रमुखों/उप मंडल प्रमुखों द्वारा वीसी/भौतिक रूप से फील्ड इकाइयों (डिलीवरी डाकघरों/नोडल डिलीवरी सेंटर) में तैनात पोस्टमास्टर और डिलीवरी स्टाफ के साथ कार्यशालाओं का आयोजन करना। डिलीवरी स्टाफ द्वारा पोस्टमैन मोबाइल ऐप के सही और प्रभावी उपयोग के लिए प्राप्तकर्ता के दरवाजे पर पार्सल की डिलीवरी के लिए डिलीवरी स्टाफ को संवेदनशील बनाना। थोक ग्राहकों के लिए बैठक का आयोजन किया जा रहा है।
13 अक्टूबर 2023 - ' अंत्योदय दिवस' - आम आदमी के जीवन में डाक विभाग के योगदान के लिए मनाया जाता है। ग्रामीण/दूरस्थ क्षेत्रों और शहरी मलिन बस्तियों में आधार नामांकन और अद्यतन शिविर आयोजित किए जाएंगे और जागरूकता लाई जाएगी । लोगों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन सुरक्षा योजनाओं और विभाग के अन्य उत्पादों और सेवाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा।
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